मंगलवार, फ़रवरी 7, 2023

(स्तन)ब्रेस्ट में गांठ होने के लक्षण, इलाज – Breast Lump in Hindi

ब्रेस्ट में गांठ (Breast Lump) होने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं और यह एक सामान्य स्थिति है। आमतौर पर ब्रेस्ट में गांठ होना सामान्य होता है और अधिकांश मामलों में यह ब्रेस्ट कैंसर नहीं होता। लेकिन ब्रेस्ट में गांठ होने के लक्षण पहचानना और उसका इलाज करवाना बहुत ही जरूरी है।

यदि आप अपनी ब्रेस्ट में कुछ ऐसा मरने बदलाव महसूस करते हैं तो इसकी जांच डॉक्टर से जरूर करवानी चाहिए। ऐसा जरूरी नहीं है कि वह कैंसर हो लेकिन कुछ मामलों में स्तन में गांठ होना कैंसर हो सकता है। महिलाओं के शरीर में समय-समय पर हार्मोंस में बदलाव होता रहता है जिसके कारण स्तन की गांठ हो सकती है।

ब्रेस्ट में गांठ होने के लक्षण – Breast lump symptoms in Hindi

  • ब्रेस्ट में गांठ होने के कारण ऊपरी त्वचा का रंग लाल या पीला हो सकता है।
  • स्तन में गड्ढा महसूस होना ब्रेस्ट में गांठ होने के लक्षण में से एक है।
  • ब्रेस्ट में एक जगह पर उभार आना।
  • स्तनों का छोटा या बड़ा होना।
  • ब्रेस्ट में दर्द महसूस होना।
  • स्तनों को दबाने पर किसी सख्त गांठ जैसा महसूस होना।

ब्रेस्ट में गांठ होने के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, और यह कई कारणों पर निर्धारित होते हैं। स्तन में गांठ होने पर कई मामलों में वह महसूस नहीं होती। लेकिन यदि आप किसी प्रकार का ऐसा मानने बदलाव महसूस कर रहे हैं तो आपको डॉक्टर द्वारा इसकी जांच जरूर करवानी चाहिए।

नीचे कुछ ऐसे स्तन में गांठ के लक्षण दिए हैं जो दिखाई देने पर ब्रेस्ट कैंसर का खतरा हो सकता है।

  • बिना दर्द वाली गांठ – यदि स्तन में बिना दर्द की गांठ मौजूद है तो इससे कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है। आमतौर पर मासिक धर्म के समय पर स्तन में गांठ बन जाती है जो आम बात है, लेकिन उन में दर्द होता है। यदि ब्रेस्ट में गांठ मौजूद है और उसमें दर्द नहीं होता तो यह चिंता की बात है ऐसा होने पर डॉक्टर को अवश्य दिखाएं।
  • ब्रेस्ट से दूध या पानी जैसा रिसाव – यदि कोई महिला प्रेग्नेंट नहीं है और बच्चे को दूध नहीं पिलाती है और ऐसा होने पर भी तन से पानी या दूध जैसा रिसाव होता है तो यह ब्रेस्ट कैंसर होने का लक्षण है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से तुरंत जांच करवानी चाहिए क्योंकि अगर शुरुआती समय में डॉक्टर द्वारा जांच कर ली जाए तो इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है।
  • स्थान से खून जैसा रिसाव – यदि किसी महिला के स्तन से खून जैसा रिसाव होता है तो यह एक असामान्य स्थिति है। स्तन की गांठ का एक लक्षण है और जिसकी जांच डॉक्टर द्वारा करवानी चाहिए। यदि स्थान से खून जैसा रिसाव होता है तो यह कैंसर हो सकता है।
  • बिना प्रेगनेंसी और वजन बड़े स्तन का आकार बढ़ना – वजन बढ़ने पर और प्रेग्नेंट होने पर स्तन का आकार बढ़ना आम बात है। लेकिन बिना वजन बढ़े और बिना प्रेग्नेंट हुए यदि कोई महिला अपने स्तन का आकार बड़ा हुआ महसूस करती है तो यह चिंता का विषय है।
  • स्तनों का असामान्य दिशा में बढ़ना – जब स्तन सामान स्तर पर नहीं रहे और एक दूसरे की विपरीत दिशा में बढ़ने लग जाए तो यह स्तन की गांठ का लक्षण है। ऐसा होने पर तन की गांठ कैंसर में बदल सकती है जिसकी जांच करवाना आवश्यक है।
  • स्तन की स्किन का सिकुड़ना – इस स्थिति में संतरे के छिलके की तरह दिखाई देते हैं और उन में खिंचाव महसूस होता है। इसके साथ साथ रतन का रंग लाल होना शुरू हो जाता है। ऐसा होने पर यह कैंसर होने के संकेत दर्शाता है।
  • निप्पल का अंदर की ओर धसना – धन की गांठ होने पर कुछ मामलों में निप्पल अंदर की तरफ धसना शुरू कर देते हैं। यदि ऐसे लक्षण दिखते हैं तो यह स्तन की गांठ के लक्षण हैं जिसकी जांच करवाना अति आवश्यक है।

ब्रेस्ट में गांठ के प्रकार – Types of breast lump in Hindi

  • फाइब्रोएडीनोसिस – फाइब्रोएडीनोसिस गांठ में कैंसर का खतरा नहीं होता और यह एक सामान्य प्रकार की ब्रेस्ट की गांठ होती है। फाइब्रोएडीनोसिस गार्ड दोनों स्तनों में हो सकती है या सिर्फ एक तन को प्रभावित कर सकती है। इसके लक्षण अलग अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में इस गांठ के कारण काफी दर्द देखा जाता है और कुछ महिलाओं में बहुत कम दर्द देखा गया है।
    फाइब्रो एडिनोसिस गांठ आमतौर पर मासिक धर्म के बाद होती है जो अपने आप ही आमतौर पर खत्म हो जाती है। मासिक धर्म के दौरान शरीर में होने वाले हारमोंस के परिवर्तन के कारण स्तनों में असामान्य प्रतिक्रिया होती है। स्तनों में होने वाली असामान्य प्रतिक्रिया फाइब्रो एडिनोसिस गांठ होने का कारण होती है। फाइब्रोएडीनोसिस में ब्रेस्ट में गांठ के लक्षण सामान्य होते हैं जो नीचे दिए गए हैं।

     

    • ब्रेस्ट का आकार बढ़ना
    • ब्रेस्ट में दर्द महसूस होना
    • मासिक धर्म के कुछ समय पहले या उसके दौरान स्तनों में गांठ का महसूस होना
  • फाइब्रोएडीनोमा – फाइब्रोएडीनोमा एक सामान्य ब्रेस्ट की गांठ होती है जो आकार में गोल और ठोस होती हैं। फाइब्रोएडीनोमा गांठ दुग्ध नलिका के बाहर विकसित होती है। यह गांठ रेशेदार टिशू से बनी होती है। आप फाइब्रोएडीनोमा गांठ को महसूस कर सकते हैं और इसे छूने पर यह दाएं से बाएं या ऊपर से नीचे हिलडुल सकता है।
    फाइब्रोएडीनोमा ब्रेस्ट की गांठ अपने आप ही गायब हो जाती है लेकिन यदि यह काफी समय तक बना रहता है तो इसका आकार बढ़ सकता है। नीचे कुछ फाइब्रोएडीनोमा ब्रेस्ट की गांठ के लक्षण दिए गए हैं।

     

    • ब्रेस्ट में हल्का दर्द महसूस होना
    • गांठ नुमा महसूस होना
    • छूने पर हिलना डुलना
  • ब्रेस्ट सिस्ट – ब्रेस्ट सिस्ट गांठ एक तरह की तरल पदार्थ की पोटली होती है। यह पोटली स्तन के भीतर विकसित हो जाती है और इसे छूने पर हल्का दबा हुआ महसूस कर सकते हैं। ब्रेस्ट सिस्टर गांठ आमतौर पर 35 से 39 साल की महिलाओं में पाई जाती है जो अलग-अलग आकार की हो सकती है। आमतौर पर इससे कैंसर का खतरा नहीं होता लेकिन लंबे समय तक रहने पर डॉक्टर से जरूर जांच करवानी चाहिए।
    ब्रैस्ट सिस्ट्स गाँठ कम तकलीफ दे होती है और कई मामलों में इससे कोई भी दर्द महसूस नहीं होता। कुछ महिलाओं को ब्रेस्ट सिस्ट गांठ से दर्द महसूस हो सकता है, जो अक्सर मासिक धर्म के दौरान उनकी आकार में वृद्धि होने के कारण होता है। ब्रेस्ट सिस्ट स्तन में गांठ के लक्षण नीचे दिए गए हैं।

     

    • स्तन में गांठ महसूस होना
    • दबाने पर हल्का दबाव हुआ महसूस होना
    • गाँठ का पानी से भरा होना महसूस करना
  • ब्रेस्ट अबसकेस्सेस – ब्रेस्ट अबसकेस्सेस को स्तन का फोड़ा भी कहा जाता है। इस तरह की स्तन की गांठ में मवाद भरा होता है। यह कई कारणों से हो सकता है और अक्सर स्तन की त्वचा के नीचे पनपता है। इसके होने से स्तन में सूजन और लाली हो सकती है।
    • जलन होना
    • बुखार होना
    • लाली और सूजन का होना
  • मैलिग्नेंट – मालिगनेंट तरह की गांठ कैंसर में बदल सकती हैं। इसका आकार बहुत ही तेजी से बढ़ता है जो ब्रेस्ट के ट्यूमर का रूप धारण कर लेता है। यदि इस तरह की गांठ का आकार असामान्य रूप से बढ़ना शुरू हो जाए तो यह दूसरे अंगों में भी पहुंच सकता है। यदि आप स्तन का आकार असामान्य रूप से बढ़ना महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर द्वारा इसकी जांच करवाना चाहिए।
  • हमट्रोमा – हमट्रोमा स्तन की गांठ की एक प्रकार है जो स्तन का ट्यूमर होता है। इस तरह की गांठ होना सामान्यतः कैंसर का कारण बनता है और इसकी जांच डॉक्टर द्वारा करवाने अति आवश्यक है।
  • लिपोमा – लिपोमा बहुत ही धीमी गति से बढ़ने वाली गांठ होती है, इस तरह की गांठ कैंसर का खतरा नहीं बनती है। यह एक तरह की फैटी गांठ होती है।
  • मस्तितिस – यह एक तरह का स्तन का संक्रमण होता है जिसमें स्तन में गांठ बन सकती है। स्तन का संक्रमण होना चिंता का विषय है। यदि स्तन का संक्रमण आप देख रहे हैं तो इसकी जांच करवानी चाहिए।

ब्रेस्ट में गांठ होने के कारण – Reasons of breast lump in Hindi

यदि आपके परिवार में आपके मां, बहन, दादी, नानी, मौसी, बुआ इत्यादि को ब्रेस्ट में गांठ है तो नीचे है आपको भी हो सकती है। शोध में ऐसा पाया गया है कि 10 से 15 फ़ीसदी ब्रेस्ट में गांठ होने का कारण जेनेटिक होता है। यदि आपके परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर है तो वह परिवार के किसी दूसरे सदस्य महिला या लड़की में हो सकता है।

ऐसा जरूरी नहीं है कि वेस्ट में गांठ सिर्फ महिलाओं को हो यदि परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर है तो यह पुरुषों में भी हो सकता है।

नीचे कुछ ऐसे ब्रेस्ट में गांठ होने के कारण दिए गए हैं, जिनसे आप ब्रेस्ट में गांठ होने के कारणों को समझ सकते हैं।

  • जेनेटिक – ब्रेस्ट में गांठ होना जेनेटिक भी हो सकता है। यदि परिवार के सदस्य को ब्रेस्ट कैंसर या ब्रेस्ट की गांठ है तो यह बच्चों में या परिवार के दूसरे सदस्यों में भी हो सकती है।
  • प्रेगनेंसी – यदि कोई महिला प्रेग्नेंट है तो उस समय पर ब्रेस्ट में दूध की नालियों का विकास होता है। इस समय पर ब्रेस्ट में गांठ हो सकती है। सामान्यतः यह अपने आप ही ठीक हो जाती है और यह कैंसर का कारण नहीं बनती है। परंतु यदि आप इस गांठ को लंबे समय से महसूस कर रहे हैं और इसका आकार लगातार बढ़ता जा रहा है तो यह चिंता का विषय है जिसकी जांच डॉक्टर द्वारा की जानी चाहिए।
  • मासिक धर्म – मासिक धर्म से कुछ समय पहले या उसके दौरान स्तन की गांठ हो सकती है जो एक सामान्य स्थिति है। मासिक धर्म के दौरान होने वाले स्थान की गांठ में हल्का दर्द महसूस होता है किसी किसी महिला को यह दर्द ठीक हो सकता है। इस तरह की स्तन की गांठ अपने आप ही ठीक हो जाती हैं।
  • चोट लगना – यदि किसी कारणवश स्थान पर चोट लगती है तो इस कारण भी स्तन की गांठ हो सकती है। यदि किसी चोट के कारण स्तन की गांठ होती है तो उसकी जांच डॉक्टर द्वारा करवानी चाहिए। इस तरह की गांठ आमतौर पर खतरा नहीं होती लेकिन यदि लंबे समय तक यह बनी रहे तो यह ब्रेस्ट टयूमर में बदल सकती है।
  • ब्रेस्टफीड – यदि कोई महिला बच्चे को दूध पिलाती है, तो कई मामलों में दूध की नलियों के आसपास गांठ बन सकती है। इस तरह की बात स्वयं ठीक हो जाती है और चिंता का विषय नहीं है। परंतु यदि इस तरह की गांठ होने की संभावना है और उसका आकार बहुत तेजी से बढ़ रहा है तो डॉक्टर द्वारा जांच करवानी चाहिए।
  • हार्मोंस में बदलाव – मासिक धर्म के समय पर या उम्र के बढ़ने के साथ-साथ और मांस में बदलाव होते हैं जिस कारण महिलाओं के स्तन में गांठ हो सकती है। हार्मोंस में बदलाव होने के कारण स्तन में गांठ हो सकती है जो समय पर अपने आप ही ठीक हो जाती है।
  • आयोडीन की कमी – जिन महिलाओं में आयोडीन की कमी है उन महिलाओं में स्तन में गांठ होना आम होता है।

जेनेटिक संभावना होने पर स्तन की गांठ की जांच – Breast lump test

यदि आपके परिवार में आपकी माता, बहन, दादी, नानी, बुआ, मौसी को स्तन का कैंसर कभी हुआ है तो आपको जेनेटिक तौर पर स्तन की गांठ होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि जेनेटिक कारणों से स्तन की गांठ होती है तो यह स्तन का कैंसर होता है।

यदि आपके परिवार में किसी महिला को नीचे है स्तन का कैंसर है तो आपको इसकी जांच जरूर करवानी चाहिए। अब किसी भी लैब में कैंसर जीन टेस्ट करवा सकते हैं जो एक तरह का ब्लड टेस्ट है।

BRCA1 और BRCA2 टेस्ट दोबारा आप आसानी से कैंसर जीन का पता लगा सकते हैं। यदि टेस्ट में आप पॉजिटिव आते हैं तो इससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यदि आपके टेस्ट में रिजल्ट पॉजिटिव आया है, तो आपको अपनी लाइफ स्टाइल सुधारने की जरूरत है और एक बार डॉक्टर से इसके बारे में सलाह जरूर लें।

लाइफस्टाइल में सुधार करके और घरेलू इलाज से स्तन में गांठ को ठीक किया जा सकता है। और इसके साथ-साथ स्तन में गांठ होने की संभावना को कम किया जा सकता है।

स्तन की गांठ का घरेलू इलाज – Breast lump home remedies

बहुत सारी महिलाएं स्तन की गांठ अपने जीवन काल में झेलती हैं। वैसे तो आमतौर पर हार्मोन के उतार-चढ़ाव और मासिक धर्म या प्रेगनेंसी के दौरान ब्रेस्ट में गांठ होती है। ऐसा होना सामान्य बात है परंतु कुछ मामलों में यह गाठ लंबे समय तक स्तन में रह सकती हैं।

यदि स्तन में गांठ लंबे समय तक रहे तो यह कैंसर में बदल सकती है। ऊपर दिए गए ब्रेस्ट में गांठ के लक्षण महसूस करने पर आप घरेलू उपचार से ब्रेस्ट की गांठ को ठीक कर सकते हैं।

आयोडीन युक्त भोजन का सेवन

यदि आप आयोडीन युक्त भोजन का सेवन नहीं करते हैं तो शरीर में आयोडीन की कमी हो जाती है। शोध में यह पता लगा है कि आयोडीन की कमी के कारण स्तन में गांठ होने का खतरा होता है। इसीलिए महिलाओं को आयोडीन युक्त नमक का सेवन करना चाहिए।

इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि जो भी भोजन आप ले रहे हैं उस में आयोडीन की मात्रा प्रचुर मात्रा में मौजूद हो। नीचे कुछ आयोडीन युक्त भोजन दिए गए हैं।

  • आयोडीन युक्त नमक
  • रोस्टेड आलू
  • मुनक्का
  • दही
  • दूध
  • सीफूड
  • ब्राउन राइस

कैस्टर ऑयल से ब्रेस्ट की गांठ का इलाज

पुराने समय में जब महिलाओं को ब्रेस्ट में गांठ हो जाती थी तो उसका एकमात्र उपाय था स्तन की मालिश करना। सन की मालिश करने पर स्तन में रक्त का प्रवाह बढ़ता है और वह ब्रेस्ट की गांठ को कम करता है।

कैस्टर ऑयल ब्रेस्ट की मालिश करने में और स्तन की गांठ दूर करने में मदद करता है। यदि किसी महिला को स्तन में गांठ है तो कैस्टर ऑयल से हल्के हाथों से मालिश करनी चाहिए। मसाज करते समय इस बात का ध्यान रखें कि स्तन को ज्यादा जोर से ना दबाएं और सख्त हाथ में रखें।

हल्के हल्के हाथों से स्तन की मसाज करनी चाहिए क्योंकि यदि आप तेज हाथ से और दबाकर स्तन की मसाज करेंगे तो यह ठीक होने के विपरीत बढ़ सकता है। और तेजी से दर्द बढ़ सकता है।

कसूर वे से स्तनों की मसाज करने पर स्तनों में मौजूद टॉक्सिंस बाहर निकलते हैं और अतिरिक्त हार्मोंस भी निकालने में यह मदद करता है।

पत्ता गोभी से स्तन की गांठ का इलाज

पत्ता गोभी को स्तन की गांठ के इलाज के लिए रामबाण उपचार की तरह माना गया है। स्तनपान के दौरान होने वाली स्तन की गांठ के उपचार के लिए पत्ता गोभी बहुत ही उपयोगी होती है।

यदि आप शिशु को स्तनपान करवाते हैं और स्तन में गांठ महसूस करते हैं तो रात को सोते समय स्तनों पर पत्ता गोभी के पत्तों को लगाकर सोए। 10 से 15 दिन तक इस प्रक्रिया को करें। स्तनों पर पत्ता गोभी के पत्ते रखकर सोने से धन की गांठ में आराम मिलता है।

सोयाबीन से ब्रेस्ट गांठ का इलाज

यदि आपको ब्रेस्ट में गांठ है तो सोयाबीन इस ब्रेस्ट की गांठ को खत्म करने में मदद करता है। सोयाबीन में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर से लड़ते हैं। सोयाबीन में मौजूद तत्व कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं और उन्हें कम करने का कार्य करते हैं।

सुबह खाली पेट सोयाबीन स्प्राउट्स का सेवन करना चाहिए। इसके साथ साथ भोजन में सब्जी के रूप में भी सोयाबीन का सेवन करना ब्रेस्ट में गांठ को कम करता है और उसे ठीक करने का कार्य करता है। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य कैंसर से जूझ रहा है तो उसे भी अपने खाने में सोयाबीन की मात्रा को बढ़ाना चाहिए।

कचनार की छाल करें ब्रेस्ट में गांठ का उपचार

कचनार की छाल को अच्छी तरह से पीसकर इसका चूर्ण बना लें और इसमें चावल और सोंठ के चूर्ण का मिश्रण बराबर मात्रा में मिलाकर इसे तैयार कर लें।

तैयार मिश्रण को सुबह खाली पेट और रात को सोते समय पानी के साथ सेवन करें। इस मिश्रण को पानी में मिलाकर स्तनों पर लेप करने से भी स्तन की गांठ में राहत मिलती है।

लौकी का जूस

लौकी में बहुत सारे आयुर्वेदिक गुण मौजूद होते हैं। यदि आप कड़वी लौकी के जूस का सेवन नियमित तौर पर करते हैं तो यह ब्रेस्ट की गांठ को कम करता है।

यदि आपके परिवार में किसी को ब्रेस्ट कैंसर है तो आपको लौकी का जूस जरूर पीना चाहिए। ऐसा करने से ब्रेस्ट की गांठ होने की संभावना कम होती है।

त्रिफला चूर्ण

त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से शरीर के आंतरिक अंगों की सफाई होती है और पेट को साफ रखने के साथ-साथ शरीर में मौजूद टॉक्सिक भी यह पार निकालता है।

रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण का सेवन करना चाहिए। त्रिफला चूर्ण का सेवन पानी या दूध के साथ कर सकते हैं। ऐसा करने से शरीर में मौजूद टॉक्सिक बाहर आते हैं और ब्रेस्ट में गांठ के साथ-साथ अन्य तरह की बीमारियों में भी इससे बहुत फायदा होता है।

तुलसी का सेवन

तुलसी में अनगिनत आयुर्वेदिक तत्व मौजूद होते हैं जो तरह-तरह की बीमारियों को ठीक करने और उनसे लड़ने में हमारे शरीर की मदद करते हैं।

तुलसी के पत्तों का रस निकालकर सुबह खाली पेट पानी के साथ सेवन करने से ब्रेस्ट में गांठ कम होती है और ठीक होती है।


NOTE: घरेलू उपचार से स्तन की गांठ पूर्ण रूप से ठीक होने की संभावना कम होती है। घरेलू उपचार से स्तन की गांठ को कम किया जा सकता है और दर्द में आराम मिलता है। इसके साथ साथ ब्रेस्ट में गांठ होने की संभावना घरेलू तरीकों से कम कर सकते हैं परंतु इसकी जांच डॉक्टर द्वारा की जानी चाहिए।


स्तन में गांठ का इलाज – डॉक्टर द्वारा – Breast lump treatment

स्तन में गांठ होने पर डॉक्टर द्वारा इसकी जांच करवानी चाहिए। आवश्यकता होने पर डॉक्टर द्वारा सुझाए गई दवाइयों का सेवन और असामान्य स्थिति में सर्जरी इत्यादि का विकल्प भी अपना सकते हैं।

  • दर्द निवारक दवाइयों का सेवन – सन में गांठ के इलाज के लिए डॉक्टर द्वारा दर्द निवारक दवाइयों को दिया जाता है जिससे स्थान में होने वाले दर्द से राहत मिलती है। लेकिन हिंदू भाइयों से स्तन में गांठ ठीक नहीं होती अपितु यह सिर्फ दर्द से छुटकारा दिलाती हैं।
  • स्तन में गांठ को कम करने की दवाइयां – ज्यादातर मामलों में ऑपरेशन या सर्जरी की जरूरत नहीं होती और डॉक्टर गांठ को कम करने और खत्म करने की दवाइयों द्वारा इसका इलाज करते हैं। सबसे पहले डॉक्टर द्वारा जांच करके यह पता लगाना जरूरी होता है कि आपके स्तन में किस प्रकार की गांठ मौजूद है। इसके पश्चात डॉक्टर दवाइयों द्वारा स्तन में गांठ को खत्म करने की दवाई से इलाज करते हैं।
  • बायोप्सी – बायोप्सी में स्तन में गांठ को समाप्त करने के लिए सन के पास मौजूद नुकसानदायक टिशू को अलग किया जाता है। ऐसा करने से स्तन की गांठ आगे नहीं बढ़ पाती और दवाइयों द्वारा इसका इलाज किया जाता है।
  • लमपेक्टोमी – जब किसी अन्य तरीके से स्तन में गांठ का उपचार संभव नहीं होता तो इस तरीके को अपनाया जाता है। लमपेक्टोमी (Lumpectomy) सर्जरी से स्तन में मौजूद गांठ को बाहर निकाला जाता है। इस सर्जरी में मरीज को एनएसथीसिया इंजेक्शन देकर बेहोश किया जाता है और उसके पश्चात स्तन को कट लगाकर गांठ को बाहर निकाल लिया जाता है। गंभीर मामलों में पूरे स्तन को भी शरीर से अलग करना पड़ सकता है।

स्तन की गांठ के जोखिम

  • स्तन में गांठ होने पर ऐसे ही नियम दर्द हो सकता है। ज्यादातर मामलों में दर्द निवारक दवाइयों से यह दर्द कम हो जाता है कि आप कुछ समय के लिए ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ मामलों में दर्द निवारक दवाइयों से भी ब्रेस्ट में होने वाले दर्द से छुटकारा नहीं मिलता और महिला को मेडिकल सहायता लेनी पड़ती है।
  • ब्रेस्ट में गांठ होने के कारण स्तन का आकार सूजने के कारण बढ़ जाता है। गर्म पानी से सीख कर या डॉक्टर द्वारा सुनाई गई दवाइयों का सेवन कर इस सूजन को कम किया जा सकता है। कई मामलों में गर्म पानी और दवाइयों से यह सूजन कम नहीं होती तो महिलाओं को अस्पताल में भर्ती करवाने की आवश्यकता पड़ती है।
  • स्तन की गांठ का इलाज अगर समय पर ना हो तो स्तन में संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में संक्रमण को रोकने के लिए दवाइयों का प्रयोग किया जाता है और स्थिति बिगड़ने पर ऑपरेशन करवाने की जरूरत होती है।
  • ब्रेस्ट में गांठ ज्यादा समय तक रहने पर वह कैंसर का रूप धारण कर सकती है। यदि समय पर ब्रेस्ट में मौजूद गांठ का उपचार ना किया जाए तो ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है। ऐसी स्थिति में सर्जरी द्वारा इसका इलाज किया जाता है।

स्तन की गांठ होने से कैसे रोके ?- Prevent breast lump in hindi

यदि स्थान की गांठ होने से बचना चाहते हैं तो आपको अपनी लाइफ स्टाइल यानी जीवन पद्धति में बदलाव करने की जरूरत है। कुछ महिलाओं के बड़े जैसे माता रानी बुआ बहन इत्यादि को ब्रेस्ट कैंसर की बीमारी होती है तो उन्हें यह बीमारी होने का खतरा 40 फ़ीसदी अधिक होता है।

इसके साथ साथ यदि आप पौष्टिक भोजन नहीं कर रहे हैं तो भी आप इस बीमारी से ग्रस्त हो सकते हैं। कुछ ऐसे तरीके हैं जिनकी मदद से आप स्तन की गांठ होने से बच सकते हैं।

  • संतुलित और पौष्टिक भोजन – हमेशा संतुलित और पौष्टिक भोजन करना चाहिए। बाहर की चीजें जैसे फास्ट फूड और तली हुई चीजें खाने से बचें और अपने भोजन में आयोडीन की मात्रा को बढ़ाएं। आयोडीन युक्त भोजन का सेवन करने से ब्रेस्ट में गांठ होने की संभावना कम होती है।
  • नियमित व्यायाम – नियमित रूप से व्यायाम करना सिर्फ हमें ब्रेस्ट में गांठ होने से नहीं बचाता बल्कि अन्य बीमारियों को भी हमारे शरीर से दूर रखता है। महिलाओं को दिन में कम से कम आधा घंटा हो गया जरूर करना चाहिए ऐसा करने से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां दूर होती हैं।
  • शराब और धूम्रपान का त्याग – शराब और धूम्रपान का सेवन करने से शरीर में बहुत सारी परेशानियां होती हैं। इनका सेवन करने से दिल की बीमारी, कैंसर, पेट संबंधी बीमारी इत्यादि होना आम बात है। शराब और धूम्रपान करने से ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है इसीलिए इनका त्याग करें।
  • गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन ना करें – गर्भनिरोधक गोलियां गर्भ को रोकने में आपकी सहायता करते हैं लेकिन इसके कुछ नुकसान भी होते हैं। गर्भनिरोधक गोलियों के नुकसान में दिल की बीमारी, ब्रेस्ट कैंसर भी आती है। यदि कोई महिला अमित और पर गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कर रही है तो इससे ब्रेस्ट कैंसर या ब्रेस्ट में गांठ होने की संभावना अधिक होती है।

आज के समय में बहुत सारी महिलाएं ब्रेस्ट लंप से पीड़ित है। कुछ महिलाओं को यह ब्रेस्ट में गांठ जेनेटिक कारणों के कारण या मासिक धर्म के समय होती है। लेकिन अस्वस्थ भोजन का सेवन करना और बाहर का खाना जैसे तला हुआ खाना, फास्ट फूड, अत्याधिक वसायुक्त भोजन का सेवन भी ब्रेस्ट में गांठ का कारण बनता है।

हमेशा पौष्टिक आहार लें और व्यायाम करें ताकि स्तन में गांठ के साथ-साथ किसी भी प्रकार की बीमारी आपके शरीर को ना कर सके। हमेशा स्वस्थ रहें, खुश रहें, धन्यवाद!


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