Wednesday, December 7, 2022

शतावरी के फायदे – Shatavari benefits in hindi

शतावरी का वैज्ञानिक नाम ‘एस्पैरागस रेसमोसस’ है। यह एक भारतीय जड़ी बूटी है जो मुख्यतः हिमालय की पहाड़ियों पर पाई जाती है। महिलाओं और पुरुषों के योन संबंधी समस्याओं के इलाज में भी इसका उपयोग होता है। इसके अलावा अन्य बीमारियों में भी इसका उपयोग होता है। शतावरी के फायदे अनेकों प्रकार के हैं, जिनमे से पुरुषों से सम्बंधित यौन बीमारियाँ और महिलाओं से सम्बंधित यौन बीमारियों में इसका उपयोग होता है।

इसका उपयोग अनेकों प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयाँ बनाने में किया जाता है। भारतीय जड़ी-बूटियों में इसका एक प्रमुख स्थान है, जो अनेकों प्रकार की बीमारियों की रोकथाम व इलाज में मदद करती है।

शतावरी क्या है? Shatavari in Hindi

शतावरी (Shatavari) एक तरह की जड़ी बूटी है जो अनेक बीमारियों के रोकथाम और इलाज में प्रयोग की जाती है। शतावरी जड़ी बूटी का ज्ञान कम लोगों को है इसीलिए बहुत कम लोग ही सतावरी जड़ी बूटी का प्रयोग करते हैं। शतावरी के फायदे जानकर आप हैरान हो जाओगे। क्योंकि इसमें अनेकों प्रकार के गुण मौजूद होते हैं जो भिन्न-भिन्न बीमारियों की रोकथाम और इलाज में उपयोगी हैं।

इसे शतावर, सतावर, और सतावरी के नाम से भी जाना जाता है और यह मुख्यतः दो रंगो में पायी जाती है, जो हरा व सफ़ेद रंग हैं।

अलग-अलग भाषाओं में नाम

अंग्रेजी भाषा मेंइंडियन एस्परगस
संस्कृत मेंशतमुली, शतावरी
हिंदी मेंसतावर, सतावरी
तमिल मेंशिमाई – शहदावरी, अम्मईकोडी, किलावरी
तेलगूछल्लागड्डा, पिल्लीगडालु, किलवारी
कन्नड़ भाषा मेंमज्जीगी – गिड्डी, एहेरू बल्ली
गुजराती भाषा में सता सतावरी, इकोलाकान्टो वरी, इकोलाकान्टो
मराठीसतावारमुल, सतावरी
बंगलासतामुली
मलयालमशतावली, सतावरी

शतावरी के फायदे – Shatavari benefits in hindi

  • गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी – Shatavari जड़ी बूटी गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी होती है। शतावरी में समान मात्रा में सोंठ, अजगंधा, मुलेठी और भृंगराज को मिलाएँ और चूर्ण बनाकर हर रोज 1 ग्राम मात्रा बकरी के दूध में पीने से शिशु स्वस्थ रहता है। इसका सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
  • दूध बढ़ाने में सहायक – जिन महिलाओं को मां बनने के बाद दूध की कमी होती है। उन महिलाओं को शतावरी के जड़ का चूर्ण को दूध के साथ लेने से फायदा मिलता है। इसका नियमित सेवन करने से स्तनों में दूध की मात्रा बढ़ती है, जो बच्चे के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होती है।
  • मर्दाना ताकत – शतावरी को पकाकर इसका सेवन करने से पुरुषों में मर्दाना ताकत में बढ़ोतरी होती है। यदि कोई पुरुष शारीरिक कमजोरी और ताकत की कमी से परेशान है तो शतावरी को भी में पकाकर मालिश करने से लाभ होता है।
  • वीर्य बढ़ाने में सहायक – सप्ताह में 2 से 3 दिन 10 ग्राम शतावरी को घी के साथ सेवन करने से वीर्य बढ़ता है और यौनशक्ति में बढ़ोतरी होती है। इसका सेवन रात्रि में सोने से पहले करें, ऐसा करने से ज़्यादा लाभ होगा।
  • पथरी – जो व्यक्ति पथरी से परेशान है 30ml शतावरी जड़ के रस को गाय के दूध में मिलाकर सेवन करने से पथरी की समस्या दूर होती है। जल्दी लाभ पाने के लिए इसके रस को गाय के दूध में मिलाकर हर रोज सेवन करें।
  • गोनोरिया बीमारी – यह एक योन संबंधी बीमारी है जो एक बैक्टीरिया के कारण होती है। 10ml शतावरी रस को 40ml दूध में मिलाकर पीने से गोनोरिया बीमारी ठीक होती है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण गोनोरिया बीमारी को ठीक करने में सहायक है।
  • मूत्र संबंधी बीमारी – कई व्यक्तियों को पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना आदि समस्याएं होती है। ऐसे व्यक्तियों को शब्दों में 2 से 3 दिन 10-10ml शतावरी रस का सेवन करना चाहिए। सतावरी के सेवन से मूत्र संबंधी बीमारियां दूर होती है।
  • रतौंधी रोग – रतौंधी रोग में शतावरी के पत्तों को भूनकर सेवन करने से लाभ प्राप्त होता है। इसका सेवन सुबह के समय या को रात्रि में सोने से पहले किया जाना चाहिए।
  • घाव ठीक करना – एक चम्मच की और आधी मात्रा में शतावरी के पत्तों के चूर्ण को गर्म कर लें और उसे घाव पर लगाने से घाव ठीक होता है। इस बात का ध्यान रखें पत्तों का चूर्ण बारीक पिसा हुआ हो।
  • पेट दर्द में लाभ – सतावरी के रस में बराबर मात्रा में शहद मिलाकर पीने से पेट दर्द ठीक होता है।
  • पाचन समस्या – जो व्यक्ति पाचन समस्या से परेशान है, उन्हें शतावरी के रस को शहद और दूध में मिलाकर सेवन करना चाहिए। शहद दूध और सतावरी के रस का मिश्रण पाचन समस्या संबंधी बीमारियों को दूर करता है। अगर आपको शुरुआत में इस मिश्रण को पीने में समस्या आए या सहज महसूस ना हो तो आप Satavari की मात्रा को कम कर सकते हैं।
  • स्वपनदोष – स्वपनदोष की समस्या पुरुषों में होती है। शतावरी जड़ के चूर्ण का सेवन करने से स्वपनदोष की समस्या ठीक होती है। इसमें मौजूद तत्व यौन शक्ति को बढ़ाते हैं और स्वपनदोष जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
  • बवासीर – दूध के साथ 3 से 4 ग्राम शतावरी चूर्ण का सेवन करने से बवासीर की समस्या ठीक होती है। खूनी बवासीर में भी यह काफ़ी फ़ायदेमंद रहती है। अधिक फायदा लेने के लिए खाली पेट आप इसका सेवन कर सकते हैं।
  • सांस रोग – शतावरी पेस्ट और समान मात्रा में घी का मिश्रण बना लें और उसे इस मिश्रण के 8 में भाग जितना दूध लेकर एक साथ पकाएं। इस मिश्रण को हर रोज 8 ग्राम की मात्रा में लें। ऐसा करने से सांस संबंधी रोग में शतावरी से लाभ होगा।
  • सूखी खांसी – शतावरी को शहद के साथ चाटने से सूखी खांसी में लाभ होता है और अगर गला बैठा हुआ है तो भी इससे आराम मिलता है।
  • सर्दी जुखाम – शतावरी के जड़ का काढ़ा पीने से सर्दी जुकाम की समस्या से छुटकारा मिलता है। शतावरी के जड़ का काढ़ा गुनगुना होने पर दिए इससे आपको अधिक फायदा होगा। यदि पीने में सहज ना लगे तो आप इसमें गर्म दूध की मात्रा बढ़ा सकते हैं।
  • ब्लड प्रेशर – करोड़ों लोग हाई बीपी के समय परेशान है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय रोग का जोखिम रहता है। एक अध्ययन में पाया गया कि पोटेशियम खाने से ब्लड प्रेशर कम होता है। शतावरी में पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है। शतावरी में मौजूद पोटैशियम के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या खत्म होती है। इसके साथ साथ सतावरी नसों को आराम देता है और जरूरत से ज्यादा शरीर में मौजूद नमक को पेशाब के द्वारा शरीर से निकाल देता है।
  • हड्डियां मजबूत करें – शतावरी में विटामिन K भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। यदि आप एक कप शतावरी पीते हैं तो आप अपने शरीर की विटामिन के की आधी जरूरत है पूरी कर लेते हैं। विटामिन के के कारण हड्डियों में कैल्शियम का अवशोषण ठीक से हो पाता है और पेशाब के रास्ते कैल्शियम निकलने की मात्रा कम होती है। यह शरीर में कैल्शियम की मात्रा को सही बनाए रखता है जिससे हड्डियां स्वस्थ और मजबूत बनी रहती है।
  • माइग्रेन – माइग्रेन का दर्द बहुत ही पीड़ा दाई होता है। एक शोध में यह पाया गया है कि शतावरी का सेवन करने से माइग्रेन के दर्द में आराम मिलता है।
  • मधुमेह में फायदेमंद – शतावरी का सेवन करने से खून में शर्करा यानी शुगर का स्तर ठीक रहता है। शतावरी में क्रोमियम मिनरल मौजूद होता है जिससे शरीर में ब्लड शुगर का स्तर संतुलित बना रहता है। शरीर में इंसुलिन बनने की मात्रा को भी सतावरी बढ़ावा देता है जिससे मधुमेह (डायबिटीज) ठीक रहता है।
  • आँखों के लिए फ़ायदेमंद – इसका नियमित सेवन करने से आँखो से सम्बंधित बीमारियाँ ठीक होती है। यह दृष्टि बढ़ाने में सहायक है। दिन में 2 से 3 ग्राम सेवन करने से आँखो की रोशनी बढ़ती है।

महिलाओं के लिए शतावरी के फायदे – Shatavari benefits for Women in hindi

Shatavari एक जड़ी बूटी है जो महिलाओं और पुरुषों की बीमारियों से लड़ने और ठीक करने में उपयोग की जाती है। लेकिन महिलाओं के लिए अगर हम बात करें तो यह जड़ी-बूटी एक वरदान से कम नहीं है। नीचे कुछ महिलाओं के लिए शतावरी के फायदे बताए गए हैं।

  • शतावरी से प्रजनन क्षमता बढ़ती है – वैसे तो शतावरी के फायदे अनेक हैं लेकिन महिलाओं में सेक्स संबंधी समस्या और बांझपन जैसी समस्या को भी शतावरी प्रभावित करती है। इसके उपयोग से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा बढ़ती है। गर्भपात रोकने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।
  • लिबिडो – लिबिडो का मतलब है कामेच्छा और यदि किसी महिला को यौन गतिविधियों में दिलचस्पी नहीं है तो कम लिबिडो इसका कारण हो सकता है। यदि कोई महिला लो लिबिडो की समस्या से परेशान है तो शतावरी से लिबिडो को बूस्ट किया जा सकता है। यदि आप इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो इसकी 2 से 5 ग्राम की मात्रा में चूर्ण को दूध के साथ ले।
  • चिंता और अवसाद – पुरुषों की तुलना में, महिलाओं को अक्सर चिंता में घिरा हुआ अधिक पाया जाता है। शतावरी के सेवन से चिंता और अवसाद से पीड़ित महिलाओं को फायदा मिलता है। इसमें मौजूद तत्व शरीर को तंदुरुस्त बनाए रखते हैं और मन में चिंता और अवसाद नहीं आने देते।
  • पीसीओएस – शरीर में हार्मोन के असंतुलन के कारण पीसीओएस होता है। यदि 5 ग्राम शतावरी का सेवन किया जाए तो पीसीओएस यानी हार्मोन के असंतुलन की समस्या समाप्त होती है।
  • एंटीऑक्सीडेंट – महिलाओं के लिए शतावरी एक वरदान की तरह है। इसके सेवन से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ती है जिससे बीमारियों के साथ लड़ने में मदद मिलती है।
  • पीरियड्स में गैस – महिलाओं को अक्सर एसिडिटी की समस्या से जूझना पड़ता है। शतावरी का सेवन करने से एलिमेंटरी कैनाल में गैस नहीं बनती। इसके अलावा शतावरी के उपयोग से मासिक धर्म में सुधार होता है।
  • वजन बढ़ाने में – अनेकों महिलाएं दुबली पतली होती हैं और शारीरिक कमजोरी जैसी समस्या होने घेरे रहती हैं। शतावरी का चूर्ण खाने से वजन बढ़ता है और शारीरिक कमजोरी दूर होती है। इसके सेवन से भूख भी बढ़ती है आपको वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • स्तनपान – स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कम दूध के कारण अपने बच्चे को बाहर वाला दूध पिलाना पड़ता है। आज के समय में इस समस्या से हजारों लाखों महिलाएं पीड़ित है। शतावरी के चूर्ण को दूध या फिर शहद में मिलाकर दिन में 2 बार सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा मिलता है। इसका उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
  • ब्रेस्ट का आकार – अगर आप अपने स्तनों का आकार आयुर्वेदिक तरीके से बढ़ाना चाहते हैं तो शतावरी एक बहुत ही अच्छा विकल्प है। महिला के स्तन फैट टिशू से बने होते हैं और इसके उपयोग से शरीर में वसा उत्तक बढ़ते हैं जिससे स्तन का आकार बढ़ता है।

पुरुषों के लिए शतावरी के फायदे – Shatavari benefits for Men in hindi

जैसा कि हमने पहले बताया कि shatavari हर वर्ग के लिए फायदेमंद होता है और कई तरह की समस्याओं से लड़ने में हमारी मदद करता है। पुरुषों के लिए इसका एक अलग महत्व है। जिस प्रकार से यह महिलाओं के लिए फायदेमंद है, उसी प्रकार से पुरुषों से संबंधित बीमारियों को दूर करने में इसका उपयोग होता है।

इसके कुछ गुण और उपयोग नीचे दिए गए हैं:

  • पुरुषों में स्वपनदोष – पुरुषों में स्वपनदोष की समस्या आम है। स्वपनदोष समस्या से पीड़ित पुरुष को काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। वह मन ही मन कभी भी खुश नहीं रह पाता और उसे उसकी चिंता सताती रहती है। अधिकांश पुरुष किस बीमारी के बारे में किसी से बात नहीं करते। जो पुरुष इस समस्या से परेशान है उसे शतावरी चूर्ण का सेवन करना चाहिए। आप इसमें मिश्री मिलाकर दूध के साथ सेवन कर सकते हैं। ऐसा करने से स्वपनदोष की समस्या समाप्त हो जाएगी।
  • शारीरिक क्षमता – शारीरिक कमजोरी के कारण पुरुषों का मनोबल नीचा हो जाता है। शारीरिक कमजोरी वाले पुरुष सोने से पहले हल्के गुनगुने दूध के शतावरी का सेवन करें। सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ इसका सेवन करने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और शरीर फुर्तीला रहता है।
  • स्पर्म काउंट को बढ़ाएं – आजकल अक्सर पुरुषों में होने वाले लो स्पर्म काउंट के कारण वह पिता बनने का सपना पूरा नहीं कर पाते। लेकिन यदि नियमित रूप से रात को शतावरी का सेवन किया जाता है तो इससे स्पर्म काउंट बढ़ता है और यौनशक्ति में भी वृद्धि होती है।
  • शराब का हैंगओवर – पुरुष अक्सर शराब का सेवन करते हैं। अधिक शराब के सेवन से हैंगओवर जैसी परेशानी होती है। शतावरी में मौजूद अमीनो एसिड हैंगओवर कम करने में मदद करता है।
  • भांग का हैंगओवर – यदि किसी व्यक्ति ने भांग का सेवन किया है और उसके बाद हैंगओवर की समस्या से परेशान है, तो शतावरी का सेवन करने से उसका प्रभाव कम कर सकते हैं।
  • बढ़ती उम्र रोके – शतावरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और ग्लूटाथिओन तत्व पाया जाता है। यह तत्व उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं और आपको जवान और तंदुरुस्त बनाए रखते हैं। इसका सेवन बढ़ती उम्र के कारण होने वाली झुर्रियों और शारीरिक कमजोरी को दूर करता है। इसके नियमित उपयोग से अधिक फ़ायदा होता है।

शतावरी की तासीर

शतावरी जड़ी-बूटी की तासीर ठंडी होती है। बहुत सारी ऐसी औषधियाँ मौजूद हैं जो इसके समान फ़ायदा पहुँचा सकती है। लेकिन इसकी ठंडी तासीर होने की वजह से इसके नुक़सान बहुत कम है। वैसे तो यह एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, और इसका किसी भी प्रकार का रिएक्शन शरीर पर नहीं होता।

लेकिन किसी भी चीज को लेने का तरीका और मात्रा निर्धारित होती है। यदि इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाए या फिर गलत तरीके से उसका इस्तेमाल किया जाए तो इससे नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं। इसके गलत प्रभाव उस समय भी हो सकते हैं जब आप किसी ऐसी बीमारी से जूझ रहे हो जिसमें यह जड़ी बूटी नहीं लेनी चाहिए।

सावधानी

यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो इसके सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। आप इसका उपयोग करके अनेकों प्रकार के शारीरिक फ़ायदे ले सकते हैं। लेकिन कुछ ऐसी बीमारियाँ भी मौजूद हैं जिनके होने पर इसका सेवन आपके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।


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